विश्व बाजार में मार्च में अनाज और चीनी की कीमतों में गिरावट, लेकिन वनस्पति तेल के दाम 3.7% बढ़े

एफएओ सीरियल प्राइस इंडेक्स मार्च में 2.6% गिरा और मार्च 2024 की तुलना में 1.1% कम रहा। उत्तरी गोलार्ध के कुछ प्रमुख निर्यातक देशों में फसलों की स्थिति को लेकर चिंताएं कम होने से वैश्विक गेहूं की कीमतों में गिरावट आई।

विश्व बाजार में मार्च में अनाज और चीनी की कीमतों में गिरावट, लेकिन वनस्पति तेल के दाम 3.7% बढ़े

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मार्च में अनाज और चीनी की कीमतें कम हुईं, लेकिन वनस्पति तेल के दामों में वृद्धि हुई। अनाज और चीनी की कीमतों में गिरावट ने मांस और वनस्पति तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी की भरपाई कर दी, जबकि दुग्ध उत्पादों की कीमतें स्थिर रहीं। इसलिए संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) का फूड प्राइस इंडेक्स पिछले महीने 127.1 अंक पर रहा, जो फरवरी की तुलना में लगभग अपरिवर्तित रहा। यह इंडेक्स एक साल पहले की तुलना में 8.2 अंक (6.9%) अधिक था, लेकिन मार्च 2022 की उच्चतम सीमा से 33.1 अंक (20.7%) नीचे रहा।

एफएओ सीरियल प्राइस इंडेक्स मार्च में 2.6% गिरा और मार्च 2024 की तुलना में 1.1% कम रहा। उत्तरी गोलार्ध के कुछ प्रमुख निर्यातक देशों में फसलों की स्थिति को लेकर चिंताएं कम होने से वैश्विक गेहूं की कीमतों में गिरावट आई। हालांकि मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव, रूस में आपूर्ति घटने और तुर्किये द्वारा गेहूं आयात कोटा हटाने से इस गिरावट पर थोड़ा अंकुश लगा।

लगातार कई महीने तक कीमतें बढ़ने के बाद मक्का की कीमतें भी मार्च में गिरीं। इसका कारण ब्राज़ील में हाल की वर्षा के कारण फसल की स्थिति में सुधार, अर्जेंटीना में कटाई की शुरुआत, अमेरिका में आगामी मौसम के लिए निराशाजनक अनुमान, चीन से अपेक्षा से कमजोर आयात मांग और विभिन्न देशों में व्यापार नीतियों में संभावित बदलाव है। अन्य मोटे अनाजों में ज्वार की कीमतें घटीं, जबकि जौ की कीमतों में थोड़ी वृद्धि हुई। वहीं, कमजोर आयात मांग और निर्यात के लिए आपूर्ति बढ़ने के कारण FAO का चावल मूल्य सूचकांक मार्च में 1.7% गिरा

FAO वेजिटेबल ऑयल प्राइस इंडेक्स मार्च में औसतन 161.8 अंक रहा, जो पिछले महीने की तुलना में 5.8 अंक (3.7%) अधिक था और एक साल पहले की तुलना में 23.9% ऊंचा रहा। इस इंडेक्स में लगातार वृद्धि का कारण पाम, सोया, रेपसीड और सूरजमुखी तेल की कीमतों में बढ़ोतरी रहा। विशेष रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रमुख उत्पादक देशों में कम उत्पादन और आपूर्ति के चलते अंतरराष्ट्रीय पाम ऑयल की कीमतें लगातार दूसरे महीने बढ़ीं।

एफएओ डेयरी प्राइस इंडेक्स मार्च में 148.7 अंक पर स्थिर रहा, लेकिन एक साल पहले की तुलना में 24.6 अंक (19.9%) अधिक था। इंडेक्स में स्थिरता अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीज की कीमतों में गिरावट और मक्खन व दूध पाउडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच संतुलन को दर्शाती है। मक्खन की कीमतें लगातार तीसरे महीने बढ़ीं, जो फरवरी की तुलना में 3.9% अधिक थीं। स्किम्ड मिल्क पाउडर की कीमतें लगातार दूसरे महीने बढ़ीं, जो मजबूत वैश्विक मांग और घटती आपूर्ति के कारण हुआ।

एफएओ शुगर प्राइस इंडेक्स मार्च में 1.6% गिर गया, जिसका मुख्य कारण वैश्विक मांग में कमजोरी है। ब्राज़ील के दक्षिणी क्षेत्रों में गन्ना उत्पादन क्षेत्रों में हुई हाल की बारिश ने भी कीमतों में गिरावट में योगदान दिया। हालांकि भारत में उत्पादन कम होने की आशंका ने इस गिरावट को सीमित कर दिया।

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