राजस्थान में सरसों खरीद की सीमा 25 से बढ़ाकर 40 क्विंटल की गई, 10 अप्रैल से होगी खरीद
पहले सरसों खरीद की मात्रा प्रति किसान 25 क्विंटल निर्धारित की गई थी। इससे अधिक मात्रा में सरसों की उपज किसान समर्थन मूल्य पर नहीं बेच सकते थे। इस बारे में किसानों की मांग को देखते हुए सरकार ने खरीद सीमा को बढ़ाकर 40 क्विंटल कर दिया है।

राजस्थान में सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की सीमा 25 से बढ़ाकर 40 क्विंटल कर दी गई है। इससे राज्य के किसान अब 40 क्विंटल सरसों एमएसपी पर बेच पाएंगे। राज्य में अभी तक सरसों की खरीद शुरू न होने से किसान कम दाम पर सरसों बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
पहले सरसों खरीद की मात्रा प्रति किसान 25 क्विंटल निर्धारित की गई थी। इससे अधिक मात्रा में सरसों की उपज किसान समर्थन मूल्य पर नहीं बेच सकते थे। इस बारे में किसानों की मांग को देखते हुए सरकार ने खरीद सीमा को बढ़ाकर 40 क्विंटल कर दिया है।
चालू रबी खरीद सीजन 2025-26 के लिए सरकार ने सरसों के लिए 5950 रुपये प्रति क्विंटल का एमएसपी तय किया है। राजस्थान में 10 अप्रैल से सरसों और चने की एमएसपी पर खरीद शुरू होगी, जिसके लिए 1 अप्रैल से पंजीकरण शुरू हो गए हैं। जबकि पिछले साल 15 मार्च से सहकारी समितियों के जरिए सरसों व चने की खरीद शुरू हो गई थी।
इस साल मार्च बीतने के बाद भी किसान सरसों खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल राजस्थान की मंडियों में सरसों का भाव 5200-5500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है। ऐसे में सरसों खरीद में देरी से किसानों को प्रति क्विंटल 500 से 700 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
1 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू
समर्थन मूल्य पर सरसों और चना की खरीद के लिए किसान 1 अप्रैल से ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकेंगे। इसके लिए गिरदावरी और बैंक पासबुक की आवश्यता होगी।
उत्पाद और खरीद लक्ष्य
इस वर्ष राजस्थान में सरसों का लगभग 62 लाख टन और चने का लगभग 23 लाख टन उत्पादन होने की संभावना है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप राज्य में सरसों की 13.89 लाख टन और चने की 6.30 लाख टन खरीद की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार बाजार भाव की तुलना में समर्थन मूल्य आकर्षक होने की वजह से खरीद केन्द्रों पर सरसों एवं चना की अधिक आवक होने की संभावना है।
पर्याप्त भण्डारण व्यवस्था के निर्देश
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने 10 अप्रैल से शुरू होने जा रही सरसों व चना की खरीद के लिए अधिकारियों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि खरीद प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी सामने आती है या किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो संबंधित उप रजिस्ट्रार एवं मैनेजर की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
सहकारिता मंत्री ने गुरुवार को सरसों व चना खरीद की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि इस बार बाजार भाव की तुलना में समर्थन मूल्य आकर्षक होने की वजह से खरीद केन्द्रों पर सरसों एवं चना की अधिक आवक होने की संभावना है। राज्य सरकार भी खरीद के लक्ष्य पूरे करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसे ध्यान में रखते हुए उपज के भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
दक ने निर्देश दिए कि जिन कार्मिकों के पास लम्बे समय से एक ही खरीद केन्द्र का प्रभार है, उनका सेंटर बदला जाए। साथ ही, खरीद प्रक्रिया के सम्बन्ध में एक गाइडलाइन भी शीघ्र जारी की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में एक-एक विजिलेंस टीम का गठन किया है जो खरीद केन्द्रों पर जाकर निरीक्षण करेगी।
टोल फ्री नंबर
खरीद में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए राजफैड में कॉल सेन्टर 18001806001 स्थापित किया गया है। सहकारिता मंत्री ने निर्देश दिए कि टोल फ्री नम्बर पर किसानों की समस्याएं सुनकर उनका शीघ्र निस्तारण करवाया जाए। बारिश की स्थिति में किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल का बंदोबस्त किया जाए।