मध्य प्रदेश में मूंग खरीद को लेकर असमंजस की स्थिति

मध्य प्रदेश में मूंग खरीद को लेकर किसान फिर परेशान हो रहे हैं। नेफेड द्वारा खरीद बंद करने के आदेश के बाद अब प्रदेश सरकार ने खरीद जारी रखने को कहा है। लेकिन, मूंग उपार्जन की लिमिट तय नहीं होने और स्लॉट बुकिंग बंद होने से किसान परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश में मूंग खरीद को लेकर असमंजस की स्थिति

मध्य प्रदेश में मूंग खरीद को लेकर किसानों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। पहले भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) ने मूंग उपार्जन की सीमा पूरी होने के बाद खरीद बंद करने के आदेश जारी किए थे। लेकिन, अब मध्य प्रदेश सरकार ने मूंग खरीद जारी रखने की घोषणा की है। इस संबंध में मध्य प्रदेश कृषि विभाग ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ को मूंग की खरीद जारी रखने को कहा है। सरकार के इस आदेश के बाद मूंग किसन असमंजस की स्थिति है। क्योंकि, सरकार ने भले ही खरीद जारी रखने को कहा है, लेकिन आदेश में मूंग उपार्जन की लिमिट का कोई जिक्र नहीं किया गया है। यानी प्रदेश में खरीद तो जारी रहेगी, लेकिन कितनी लिमिट तक यह तय नहीं है। 


(मध्य प्रदेश कृषि विभाग द्वारा मूंग खरीद जारी रखने का आदेश)

एक ओर जहां मूंग उपार्जन की लिमिट तय नहीं होने से किसान दुविधा में है। वहीं, प्रदेश में मूंग खरीद को लेकर स्लॉट बुकिंग 22 जुलाई से बंद है। जिस वजह से किसान अपनी उपज बेचने को लेकर अपना स्लॉट बुक नहीं करवा पा रहे हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस के किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष केदार शंकर सिरोही ने रूरल वॉयस को बताया कि प्रदेश सरकार के आदेश के बाद किसानों में असमंजस की स्थिति है। पहली बात यह कि सरकार ने मूंग उपार्जन की लिमिट तय नहीं की है। यानी खरीदी लंबे समय तक जारी नहीं रहेगी। दूसरी बात यह कि किसानों की स्लॉट बुकिंग नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब नेफेड ने खरीद बंद करने को कहा, तो किसानों ने इसका विरोध किया। जिसके बाद सरकार ने खरीद जारी रखने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन, जब स्लॉट बुकिंग ही नहीं होगी, तो किसान अपनी उपज कैसे बेचेंगे।


(नेफेड द्वारा मूंग खरीद बंद करने का आदेश)  

केदार सिरोही ने कहा कि सरकार के इस फैसले से ऐसा प्रतीत होता है कि जिन किसानों के स्लॉट पहले बुक हो चुके थे, अब सिर्फ उन्हीं की उपज खरीदी जाएगी। इससे उन किसानों को नुकसान होगा, जो अपनी बची हुई फसल के लिए अभी तक स्लॉट बुक नहीं करवा पाए। क्योंकि, ओपन मार्केट में मूंग का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम है। ओपन मार्केट में मूंग का दाम 6500 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच है। जबकि, मूंग का एमएसपी 8558 रुपये प्रति क्विंटल है। इससे किसानों को सीधा 2000 हजार रुपये तक का नुकसान होगा। 

मध्य प्रदेश में मूंग खरीद शुरू होने के बाद से किसान कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इससे पहले प्रदेश में मूंग खरीद की मात्रा को लेकर भी विवाद हुआ था। जिससे किसानों को नुकसान हो रहा था। हालांकि, सरकार ने बाद किसानों की मुख्य मांगों पर गौर करते हुए उन्हें थोड़ी राहत दी थी। वहीं, अब मूंग खरीद बंद होने से किसान एक बार फिर परेशान हो रहे हैं। 

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