हरियाणा में बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज होगा ब्योरा

किसानों को फसल नुकसान के मुआवजे के लिए राज्य सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल बनाया है, जिस पर किसान अपनी खराब फसल का ब्योरा खुद दर्ज कर सकते हैं।

हरियाणा में बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज होगा ब्योरा

हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि से कई इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों को फसल नुकसान से राहत के लिए राज्य सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल बनाया है, जिस पर किसान अपनी खराब फसल का ब्योरा खुद दर्ज कर सकते हैं।

पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के कारण मौसम हरियाणा, पंजाब, दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी यूपी में कई स्थानों पर बारिश और बूंदाबांदी हुई है। अगले दो-तीन दिन भी इन इलाकों में बारिश की संभावना है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से गेहूं और सरसों की फसल गिरने का खतरा है। साथ ही ओले पड़ने की आशंका है। 

हरियाणा सरकार ने जिला जींद में 20 फरवरी को हुई बारिश व ओलावृष्टि के कारण फसलों के नुकसान का ब्यौरा किसानों को क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज कराने को कहा है। यह पोर्टल 10 मार्च तक खुला रहेगा। किसानों द्वारा फसलों के खराबे की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करने के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने का अनुरोध किया गया था। इस अनुरोध पर सरकार ने निर्णय लिया है कि जिला जींद के किसान अपनी खराब फसल की जानकारी क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 10 मार्च तक दर्ज कर सकते हैं।

खराब फसल की गिरदावरी करने वाले पटवारी एवं अन्य कर्मचारियों पर नुकसान के आंकलन में भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। किसानों की समस्या को समझते हुए सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल बनाकर किसानों को यह सुविधा दी कि वे खुद अपनी खराब फसल की जानकारी अपलोड कर सकते हैं। इस पोर्टल के माध्यम से मुआवजा राशि "मेरी फसल-मेरा ब्योरा" पोर्टल पर उपलब्ध करवाए गए काश्तकार के सत्यापित बैंक खाते में सीधे जमा करवाई जाती है।

मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना 

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि अब खराब मौसम से बागवानी किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने राज्य के किसानों से मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजन का लाभ उठाने का आह्वान किया है।

उद्यान विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक अनाज फसलों की बजाए बागवानी फसलों के लिए प्रोत्साहित करना है। "मेरी फसल मेरा ब्यौरा" पोर्टल https://fasal.haryana.gov.in पर पंजीकृत सभी किसान इस योजना के लिए नामांकन हेतु पात्र हैं।

राज्य के किसान स्वेच्छा से बीमा के लिए निर्धारित अंशदान की राशि देकर उक्त योजना के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। सब्जी व मसाले की फसल का 30 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा फलों का 40 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से बीमा किया जाता है। इसमें किसान को सब्जी व मसाले की खेती के लिए 750 रुपये तथा फलों के लिए 1000 रुपये प्रति एकड़ बीमा राशि देनी पड़ती है।

मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के बारे में अधिक जानकारी संबंधित जिला उद्यान अधिकारी अथवा टोल -फ्री नंबर 1800-180-2021 पर सम्पर्क कर प्राप्त कर सकते हैं।

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