वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजस्थान सरकार का बजट पेश करते हुए डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 150 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने और पीएम-किसान योजना की राशि को 9000 रुपये करने सहित कई घोषणाएं की।
पीएम-किसान के तहत केंद्र सरकार की 6000 रुपये की राशि के अलावा राज्य सरकार अपनी तरफ से 3000 रुपये जोड़कर किसानों को सालाना 9000 रुपये की सहायता प्रदान करेगी। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पीएम-किसान की धनराशि बढ़ाकर 12000 रुपये करने का वादा किया था।
35 लाख किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण
कृषि बजट के तहत वित्त मंत्री दिया कुमारी ने प्रदेश के 35 लाख से अधिक किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त फसली ऋण उपलब्ध कराने का ऐलान किया है, जिस पर 768 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ढाई लाख गोपालक परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पर 150 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
सिंचाई परियोजनाएं
राजस्थान के बजट में सिंचाई को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। राम जल सेतु लिंक परियोजना का विस्तार करते हुए 9300 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य प्रस्तावित हैं। जल प्रबंधन के लिए ईआरसीपी कॉरपोरेशन को राजस्थान वाटर ग्रिड कॉरपोरेशन के तौर पर अपग्रेड किया जाएगा। आगामी वर्ष में करीब 4000 करोड़ रुपये के कार्य इस कॉरपोरेशन के माध्यम से किए जाएंगे।
सिंचाई के विस्तार से राजस्थान ने खेती और बागवानी में काफी प्रगति की है। बजट में माइक्रो इरिगेशन के लिए 1250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही 25 हजार खेत तालाब, 10 हजार डिग्गियों, 50 हजार सौर पंप संयंत्रों तथा 20 हजार किलोमीटर सिंचाई पाइप लाइन के लिए 900 करोड़ का अनुदान देने की घोषणा की गई है।
50 हजार नए कृषि कनेक्शन देने का ऐलान भी बजट में किया गया है। प्रदेश में एक हजार ट्यूबवैल लगाए जाएंगे।
कृषि एवं बागवानी विकास
कृषि और बागवानी विकास के लिए राजस्थान कृषि विकास योजना के तहत 1350 करोड़ रुपये कार्य किए जाएंगे। योजना के तहत 210 करोड़ रुपये के खर्च से 1000 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे एक लाख किसान लाभन्वित होंगे।
मनरेगा के तहत खेत तालाब, डिग्गी, फलदार पौधारोपण, मेडबंदी आदि कार्यों पर लगभग 700 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए 180 करोड़ रुपये की लागत से किसानेां को 35 लाख बीज मिनीकिट वितरित की जाएंगी।
प्रदेश में 2000 किसानों को ग्रीन हाउस, पॉलीहाउस/शेडनेट, प्लास्टिक मल्चिंग, लो टनल उपलब्ध करवाने के लिए 225 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की गई है।
सेंटर फॉर एक्सीलेंस
- कृषि में AI के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार 50 करोड़ रुपये की लागत से Centre of Excellence of Artificial Intelligence in Agriculture की स्थापना करेगी।
- मक्का की उत्पादकता और मूल्य संवर्धन के लिए बांसवाड़ा में 20 करोड़ रुपये की लागत से Centre of Excellence for Maize की स्थापना की जाएगी।
- भरतपुर में 15 करोड़़ रुपये की लागत से Centre of Excellence for Honey Bee-keeping की स्थापना की जाएगी। बारां में लहसुन उत्पकृष्टता केंद्र बनेगा।
मंडी विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के अलावा अनूपगढ़-श्रीगंगानगर में मिनी फूड पार्क, सांचौर-जालोर में एग्रो फूड पार्क बनाए जाएंगे। चूरू, जयपुर झुंझुंनू, सिरोही, दौसा में फूड प्रोसेसिंग की आधारभूत सुविधाओं के लिए निशुल्क भूमि आवंटन कर पीपीपी मोड में विकसित किया जाएगा।
मिड-डे मिल और आंगनबाड़ी में श्रीअन्न आधारित उत्पाद देने की शुरुआत की जाएगी। प्रत्येक जिले में मिलेट्स उत्पाद आउटलेट खोले जाएंगे। प्रदेश में दो नए कृषि महाविद्यालय भी खोले जाएंगे।
तारबंदी अनुदान
किसानों की फसलों को जंगली जानवरों व निराश्रित पशुओं से बचाने के लिए प्रदेश के 75 हजार किसानों को तारबंदी हेतु अनुदान दिया जाएगा। इस पर 324 करोड़ का व्यय होगा।
ड्रोन से छिड़काव के लिए अनुदान
राजस्थान में नमो ड्रोन दीदी योजना और कस्टम हायरिंग सेंटर पर उपलब्ध ड्रोन के माध्यम से एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नेनो यूरिया और नेनो डीएपी के छिड़काव के लिए 2500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा।
किसानों को विदेश भ्रमण
खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीक और तौर-तरीके सीखने के लिए एफपीओ से जुड़े 100 किसानों को इस्राइल सहित अन्य देशों में तथा 5000 किसानों को राज्य के बाहर भ्रमण और प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
भूमिहीन कृषि श्रमिक
प्रदेश में एक लाख भूमिहीन कृषि श्रमिकों को 5 हजार रुपये तक की लागत के कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
पशुपालन व डेयरी
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का दायरा बढ़ाते हुए बीमित पशुपालकों की संख्या को प्रतिवर्ष दोगुना किया जाएगा। इस पर 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा। अलवर, उदयपुर, बांसवाड़ा, भरतपुर और सवाई माधोपुर में 225 करोड़ रुपये की लागत से नए दुग्ध प्लांट स्थापित किए जाएंगे। गौशालाओं हेतु प्रति पशु अनुदान को बढ़ाकर 50 रुपये प्रतिदिन किया गया है।
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने ऐलान किया कि राजस्थान की 200 ग्राम पंचायतों में नए पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोले जाएंगे। राज्य में 100 पशु चिकित्सा अधिकारियों और 1000 पशुधन निरीक्षकों की भर्ती की जाएगी।
ग्रीन बजट
राजस्थान सरकार ने ग्रीन बजट के तहत टिकाऊ विकास से जुड़ी कई घोषणाएं की हैंं। छोटे किसानों को बैलों से खेती करवाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें प्रतिवर्ष 30 हजार की सहायता राशि दी जाएगी। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ढाई लाख किसानों को अनुदान मिलेगा।